लक्ष्य

पानी बचाओ, जिंदगी बनाओ

प्रीति रिंकू

दुनिया में बहुत से लोग आते हैं और अपनी भूमिका पूरी करके चले भी जाते हैं, पर बहुत कम ऐसे पात्र हैं, जो अपने काम से अलग छाप छोड़ जाते हैं। सारिका बहेटी एक ऐसा ही नाम है, जो वेक्टस इंडस्ट्रीज की डायरेक्टर, आईएमएमसी की मार्शल व नीरांजलि की चेयरपर्सन हैं। इनके जीवन का लक्ष्य पर्यावरण को बचाना है। प्रस्तुत है इनसे हुई बातचीत के अंश।

नीरांजलि क्या है और क्यों है?

एक ऐसा सुरक्षा चक्र, जो प्रकृति में जितने भी जीव हैं, उनके इर्द गिर्द घूमता है।  यह पानी को शुद्घ करने वाली वह इकाई है जो हमें अमृत प्रदान करने का काम करती है।  सिर्फ पानी ही नहीं, बल्कि इस धरा पर जो भी प्राणी है, उन सबकी रक्षा करना नीरांजलि का लक्ष्य है। नीरांजलि बनाने के पीछे कुछ करने का जुनून है। बचपन से ही कुछ अलग करना चाहती थी। लेकिन पहले शादी और फिर बच्चे को संभालते काफी समय निकल गया। मेरे साथ मेरी हिम्मत रही और उसी का नतीजा है नीरांजलि।

काम और घर। कैसे तालमेल बनाती हैं?

काम को लेकर मेरे पास एक मिनट का भी खाली समय नहीं रहता। लेकिन मेरा घर- परिवार ही मेरी पहली प्राथमिकता है। अगर आपने अपनी प्राथमिकताएं तय की हैं तो फिर काम करना न सिर्फ आसान रहता है, बल्कि आप मानसिक स्तर पर परिस्थितियों से लड़ने के लिए भी तैयार रहते हैं।  

अन्य गतिविधियों के बारे में भी बताइए।

मैं जो भी करती हूं, वह मेरे काम के ही अलग-अलग रूप हैं। फिर चाहे वह कार रैली हो या चैरिटेबल प्रोग्राम। मैं इन सब में अपनी सहभागिता देती हूं और इससे मुझे जो भी मिलता है, वह सोशल वेलफेयर के लिए ही होता है। वैसे प्रत्येक वर्ष साउथ दिल्ली में वर्षा मंगल नाम से डांस का चैरिटेबल प्रोग्राम करती हूं और हर साल बाराबंकी में फ्री सर्जिकल कैंप के आयोजन में मेरी सहभागिता होती है। इसके अलावा जहां भी चांस मिल जाए, जाती हूं।

गत वर्ष आपने महिला कार रैली में पहला स्थान पाया। कैसा रहा रैली का अनुभव?

हां, ब्रेस्ट कैंसर प्रोटेक्शन के लिए एनसीआर में वूमन कार रैली के आयोजन में मेरा भाग लेना काफी रोचक रहा। आपको ताज्जुब होगा कि चंद साल पहले तक मुझे कार चलानी नहीं आती थी। इसके पीछे एक ऐसा हादसा जुड़ा है जिसने मुझे इस कार रैली में न सिर्फ भाग लेने का मौका दिया, बल्कि मैं विजेता भी रही।

कैसा हादसा?

कुछ साल पहले की बात है। मेरी बेटी बहुत बीमार थी। रात का समय था और डॉक्टर के पास जाना था। उस वक्त घर में कोई भी नहीं था, जो मेरी बेटी को डॉक्टर के पास ले जाने में मदद कर सके, जबकि मेरे पास लाइसेंस व घर में कार मौजूद थी और चाबी मेरे हाथ में थी। लेकिन मैं बेबस थी, सिर्फ इसलिए कि मुझे हमेशा घर वालों ने ड्राइविंग करने से मना किया था। उस दिन मैंने तय किया कि मुझे ड्राइविंग सीखनी है। 

आप इतनी ज्यादा एडवेंचर से भरी हैं, पर पारंपरिक कितनी हैं?

मैं जितनी एडवेंचरस दिखती हूं, उतनी ही पारंपरिक भी हूं। पुराने ख्यालों वाली आदर्श व उसूल को मानने वाली, अपनी परंपराओं में जीने वाली, भगवान को मानने वाली और घर, परिवार व समाज को लेकर चलने वाली एक साधारण सी महिला हूं। मैं हर व्यक्ति को अपना रोल मॉडल मानती हूं और बच्चों से भी कुछ न कुछ सीखने की कोशिश करती हूं।

आपकी खूबसूरती का राज क्या है ?

आप सबका प्यार और हमसे जुड़े लोगों की दुआएं। पार्लर मैं जाती नहीं। मैं खूबसूरत इसलिए हूं कि आपका दिल- दिमाग क्लीयर है, तो आपको हर चीज सुंदर दिखती है। आप अच्छे हैं तो इसलिए मैं आपको सुंदर दिखती हूं। 

हमारे पाठक खासकर महिलाओं के लिए कोई संदेश।

हर मिनट कुछ क्रिएटिव करने की कोशिश करें, खुद को ऊपर उठाएं। अपने अंदर छुपे जुनून को बाहर लाइए और जिंदगी में कुछ कीजिए। कभी भी किसी तरह की कोई नकारात्मक बात अपने दिमाग में न लाएं। याद रखिए नारी एक शक्ति है और आप अपनी शक्ति को जगाइए। अपनी पहचान, अपना वजूद स्पष्ट कीजिए। अपने जीवन को सार्थक बनाइए।

Your are Visitor No.

Your are Visitor No.